UP Outsource New Salary List 2026: उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन को लेकर शासन की ओर से नया आदेश जारी किया गया है। 02 नवंबर 2026 को जारी शासनादेश में विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए श्रेणीवार पारिश्रमिक और कटौती का पूरा विवरण दिया गया है।
नए आदेश में कर्मचारियों को चार श्रेणियों में बांटकर उनके लिए अलग-अलग मासिक पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है। इसमें श्रेणी-4 के लिए ₹17,646, श्रेणी-3 के लिए ₹19,446, श्रेणी-2 के लिए ₹21,947 और श्रेणी-1 के लिए ₹39,000 मासिक पारिश्रमिक तय किया गया है।
इस अपडेट की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शासनादेश में केवल कुल वेतन ही नहीं, बल्कि कर्मचारी के वेतन से होने वाली EPF और ESI कटौती तथा नियोक्ता की ओर से दिए जाने वाले अंशदान का विवरण भी शामिल किया गया है।
UP Outsource Salary Order 2026: क्या है नया आदेश?
उत्तर प्रदेश शासन के शासन अनुभाग-13 द्वारा जारी आदेश का विषय प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का पारिश्रमिक निर्धारित करने से संबंधित है।
शासनादेश में 19 सितंबर 2025 के आदेश के अनुसार श्रेणीवार पारिश्रमिक निर्धारित करने की बात कही गई है। इसके लिए 02 सितंबर 2026 की तिथि निर्धारित की गई है।

आदेश में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन और आउटसोर्स कर्मचारियों को पारिश्रमिक तथा अन्य सुविधाएं समय से उपलब्ध कराने के उद्देश्य का भी उल्लेख किया गया है।
किस श्रेणी के कर्मचारी को कितना वेतन मिलेगा?
नए शासनादेश के अनुसार चारों श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए मासिक पारिश्रमिक इस प्रकार है:
| कर्मचारी श्रेणी | मासिक पारिश्रमिक | इन-हैंड पारिश्रमिक |
|---|---|---|
| श्रेणी-1 | ₹39,000 | ₹39,000 |
| श्रेणी-2 | ₹21,947 | ₹19,148.76 |
| श्रेणी-3 | ₹19,446 | ₹16,966.64 |
| श्रेणी-4 | ₹17,646 | ₹15,396.14 |
यहां इन-हैंड पारिश्रमिक का अर्थ उस राशि से है जो तालिका में कर्मचारी के वेतन से EPF और ESI की कटौती के बाद दर्शाई गई है।
₹15,396 से ₹39,000 तक: इन-हैंड सैलरी का पूरा हिसाब
शासनादेश की तालिका के अनुसार कर्मचारियों की कटौती और खाते में मिलने वाली राशि का विवरण नीचे दिया गया है।
| श्रेणी | EPF कटौती | ESI कटौती | कुल कटौती | इन-हैंड |
|---|---|---|---|---|
| श्रेणी-4 | ₹2,117.52 | ₹132.35 | ₹2,249.87 | ₹15,396.14 |
| श्रेणी-3 | ₹2,333.52 | ₹145.85 | ₹2,479.37 | ₹16,966.64 |
| श्रेणी-2 | ₹2,633.64 | ₹164.60 | ₹2,798.24 | ₹19,148.76 |
| श्रेणी-1 | ₹0 | ₹0 | ₹0 | ₹39,000 |
इस तालिका से स्पष्ट है कि श्रेणी-4, श्रेणी-3 और श्रेणी-2 के कर्मचारियों के लिए EPF तथा ESI की कटौती का विवरण दिया गया है। वहीं श्रेणी-1 के लिए कर्मचारी के वेतन से इन दोनों मदों में कटौती शून्य दिखाई गई है।
सरकार की ओर से EPF और ESI में कितना अंशदान होगा?
कर्मचारियों के वेतन से होने वाली कटौती के अतिरिक्त शासनादेश में नियोक्ता के अंशदान की भी जानकारी दी गई है।
| श्रेणी | नियोक्ता EPF | नियोक्ता ESI |
|---|---|---|
| श्रेणी-4 | ₹2,117.52 | ₹573.50 |
| श्रेणी-3 | ₹2,333.52 | ₹632.00 |
| श्रेणी-2 | ₹2,633.64 | ₹713.28 |
| श्रेणी-1 | ₹0 | ₹0 |
आदेश के अनुसार श्रेणी-4, श्रेणी-3 और श्रेणी-2 के कर्मचारियों के लिए नियोक्ता अंश के रूप में EPF और ESI का भुगतान शासन या संबंधित सरकारी विभाग द्वारा किया जाएगा।
श्रेणी-1 के संबंध में आदेश में अलग से EPF कटौती को लेकर स्पष्टीकरण दिया गया है।
श्रेणी-1 के कर्मचारियों के लिए EPF का क्या नियम बताया गया है?
श्रेणी-1 के कर्मचारियों का पारिश्रमिक ₹39,000 निर्धारित किया गया है। शासनादेश में बताया गया है कि इस श्रेणी के पारिश्रमिक में EPF की गणना अधिकतम ₹25,000 मासिक पारिश्रमिक के आधार पर की गई है।
साथ ही आदेश में कहा गया है कि ₹40,000 के पारिश्रमिक पर EPF कटौती की अनिवार्यता नहीं है। इसलिए संबंधित विभाग अपने स्तर से श्रेणी-1 के पारिश्रमिक से EPF की कटौती करने या नहीं करने का निर्णय ले सकते हैं।
इसलिए श्रेणी-1 के कर्मचारियों को अपने संबंधित विभाग से लागू व्यवस्था की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए GST और सर्विस चार्ज कौन वहन करेगा?
नए शासनादेश में कर्मचारियों के पारिश्रमिक के अलावा सरकारी विभागों पर आने वाले अन्य खर्चों का भी विवरण दिया गया है।
इसमें निम्नलिखित मद शामिल हैं:
| खर्च का नाम | शासनादेश में दिया गया विवरण |
|---|---|
| Service Charge | न्यूनतम दर पर गणना, प्रत्येक निविदा में अधिकतम 7% तक |
| UPCOS Centage Charge | 1% की दर से अस्थायी गणना |
| GST | 18% |
आदेश के अनुसार GST, Service Charge और Centage Charge की धनराशि का भुगतान शासन या संबंधित सरकारी विभाग द्वारा किया जाएगा।
UPCOS Centage Charge को 1 प्रतिशत की दर से अस्थायी रूप से निर्धारित किया गया है, जिसे भविष्य में संशोधित किया जा सकता है।
जिन विभागों में कम वेतन पर कर्मचारी लगे हैं, उनके लिए क्या व्यवस्था है?
शासनादेश में उन विभागों का भी उल्लेख है जिन्होंने अपने स्तर से GeM पोर्टल के माध्यम से शासनादेश में निर्धारित नई पारिश्रमिक दरों से कम दर पर कर्मचारियों को नियुक्त किया है।
ऐसे विभागों को नई दरों के कारण उत्पन्न होने वाले अतिरिक्त खर्च की पूर्ति के लिए पुनर्विनियोग के माध्यम से बजट की व्यवस्था कराई जाएगी।
इसका विवरण शासनादेश के बिंदु संख्या 9 में दिया गया है।
आउटसोर्स कर्मचारियों को अपनी सैलरी कैसे चेक करनी चाहिए?
आउटसोर्स कर्मचारी अपनी सैलरी से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए निम्न बातों पर ध्यान दें:
- सबसे पहले अपनी वर्तमान कर्मचारी श्रेणी की जानकारी प्राप्त करें।
- शासनादेश में निर्धारित संबंधित श्रेणी का मासिक पारिश्रमिक देखें।
- अपने वेतन से होने वाली EPF और ESI कटौती की जानकारी प्राप्त करें।
- कटौती के बाद मिलने वाली इन-हैंड राशि का मिलान करें।
- किसी भी अंतर की स्थिति में संबंधित विभाग या आउटसोर्स एजेंसी से संपर्क करें।
UP Outsource New Salary List 2026: FAQs
प्रश्न 1: उत्तर प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारियों का नया शासनादेश कब जारी हुआ?
उत्तर: यह शासनादेश 02 नवंबर 2026 को जारी किया गया है।
प्रश्न 2: श्रेणी-4 के आउटसोर्स कर्मचारी का इन-हैंड वेतन कितना है?
उत्तर: शासनादेश की तालिका में श्रेणी-4 के लिए ₹15,396.14 इन-हैंड पारिश्रमिक दिया गया है।
प्रश्न 3: श्रेणी-3 के कर्मचारियों को कटौती के बाद कितनी राशि मिलेगी?
उत्तर: श्रेणी-3 के कर्मचारियों के लिए ₹16,966.64 इन-हैंड पारिश्रमिक दर्शाया गया है।
प्रश्न 4: श्रेणी-2 का मासिक पारिश्रमिक कितना निर्धारित है?
उत्तर: श्रेणी-2 के कर्मचारियों के लिए ₹21,947 मासिक पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है।
प्रश्न 5: श्रेणी-1 का मासिक वेतन कितना है?
उत्तर: श्रेणी-1 के कर्मचारियों का मासिक पारिश्रमिक ₹39,000 निर्धारित किया गया है।
प्रश्न 6: क्या सर्विस चार्ज का भुगतान कर्मचारी के वेतन से होगा?
उत्तर: शासनादेश के अनुसार GST, Service Charge और UPCOS Centage Charge का भुगतान शासन या संबंधित सरकारी विभाग द्वारा किया जाएगा।
प्रश्न 7: क्या सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को समान वेतन मिलेगा?
उत्तर: नहीं, शासनादेश में चार अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग-अलग पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है।
महत्वपूर्ण लिंक
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